- Introduction – What is Technical Analysis=स्टॉक मार्केट में दो तरह का अध्ययन सबसे प्रसिद्ध है: Fundamental विश्लेषण और Technical विश्लेषण+Fundamental बातें हैं कंपनी का बिजनेस कैसा है, बैलेंस शीट मजबूत है या नहीं। लेकिन Technical विश्लेषण (TA) बताता है कीमत का व्यवहार, चार्ट आंदोलन, प्रवृत्ति दिशा, और बाजार मनोविज्ञान।
- सरल शब्द मे विस्तार से समझते है। Technical Analysis = Reading price charts + predicting future movement.ये वो स्किल है जिसे शुरुआती भी स्मार्ट एंट्री और एग्जिट करना सीख सकते हैं। अगर आप ट्रेडिंग करते हैं—चाहे इंट्राडे, स्विंग या ऑप्शन ट्रेडिंग—(TA) आपका सबसे बड़ा हथियार बन जाता है।
Stock Market Technical Analysis is Important.
- मार्केट में USPE ही जीत मिलती है जो चार्ट बदलता है।⏩ प्राइस एक्शन झूठ नहीं बोलती लगभग= फ़ायदे: उत्तम प्रवेश एवं निकास बिंदु मिलते हैं☑️घाटा कम और मुनाफा ज़्यादा☑️रुझान से कारण को पहचानना आसान हो जाता है ☑️बड़े खिलाड़ी (FII, DII) क्या कर रहे हैं ये दोनों player मार्केट के अंदर साइन मिलता है☑️हर बाज़ार में काम करता है – स्टॉक, क्रिप्टो, विदेशी मुद्रा, कमोडिटीज़☑️ट्रेडिंग बिना तकनीकी विश्लेषण = अंधेरे में तीर चलाना जैसा होता है इसलिए विश्लेषण करना बहुत जरूरी होता है।
Stock Market Technical Analysis.
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Technical विश्लेषण इस का दो बेस पिलर आधार पे चलता है जो हम को पूरा डिटेल्स में समझने की प्रयास करते है।
1. Price Action Analysis.
- पूरा chart रीडिंग बिना Indicators, Candles, trendiness , support – रेसीस्टेंस, Market स्ट्रक्चर + प्राइस एक्शन एनालिसिस एक ट्रेडिंग की टेक्निक है जिसमें ट्रेडर चार्ट पर प्राइस के मूवमेंट को एनालाइज़ करता है, बिना किसी इंडिकेटर के। इसमें कैंडलस्टिक पैटर्न, चार्ट पैटर्न, सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल, और ट्रेंड लाइन का इस्तेमाल करके मार्केट के भाव को समझने की कोशिश की जाती है।
- मुख्य कॉम्पोनेंट:
- कैंडलस्टिक पैटर्न: जैसे कि डोजी, हैमर, एंगुलफिंग, आदि।
- चार्ट पैटर्न: जैसे कि हेड एंड शोल्डर, ट्रायंगल, आदि।
- सपोर्ट और रेजिस्टेंस: प्राइस के ऐसे लेवल जहां खरीदना या बेचना होता है।
- ट्रेंड लाइन: प्राइस के ट्रेंड को दिखाने वाली लाइन।
- फायदे:
- सिंपल और इफेक्टिव: प्राइस एक्शन एनालिसिस सरल और इफेक्टिव है।
- नो इंडिकेटर: इसमें कोई इंडिकेटर नहीं होते, जिससे चार्ट साफ रहता है।
- बेहतर डिसीजन मेकिंग: इससे ट्रेडर को बेहतर डिसीजन लेने में मदद मिलती है।
- आम प्राइस एक्शन स्ट्रैटेजी:
- पिन बार स्ट्रैटेजी: पिन बार कैंडलस्टिक पैटर्न का इस्तेमाल करके ट्रेडिंग करना।
- इनसाइड बार स्ट्रैटेजी: इनसाइड बार कैंडलस्टिक पैटर्न का इस्तेमाल करके ट्रेडिंग करना।
- ब्रेकआउट स्ट्रैटेजी: सपोर्ट या रेजिस्टेंस लेवल को ब्रेकआउट करने पर ट्रेडिंग करना।
- टिप्स:
- प्रैक्टिस: प्राइस एक्शन एनालिसिस को प्रैक्टिस करना ज़रूरी है।
- पेशेंस – ट्रेडिंग में पेशेंस रखना ज़रूरी है।
- रिस्क मैनेजमेंट: रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखना ज़रूरी है।
- हिंदी में कहें तो: प्राइस एक्शन एनालिसिस एक ऐसा तरीका है जिसमें हम चार्ट पर प्राइस के मूवमेंट को देखकर ट्रेडिंग के बारे में फैसला लेते हैं। इसमें हम कैंडलस्टिक पैटर्न, चार्ट पैटर्न, सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल, और ट्रेंड लाइन का इस्तेमाल करते हैं।
2. Indicator-Based Analysis.
- Indicators calculate करते है Price का मोमेंटम वॉल्यूम Trend यदि। दोनों को मिक्स करके best accuracy मिलती है = इंडिकेटर-बेस्ड एनालिसिस एक ट्रेडिंग टेक्नीक है जिसमें ट्रेडर टेक्निकल इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करके मार्केट के भाव को समझने की कोशिश करता है। इंडिकेटर्स मैथमेटिकल कैलकुलेशन होते हैं जो प्राइस और वॉल्यूम के डेटा का इस्तेमाल करके बनाए जाते हैं।
- इंडिकेटर्स का इस्तेमाल कैसे करें:
- ट्रेंड पहचानें: इंडिकेटर का इस्तेमाल करके ट्रेंड को पहचानें.
- सिगनल कन्फर्म करें: इंडिकेटर का इस्तेमाल करके ट्रेडिंग सिगनल को कन्फर्म करते है।
- स्टॉप लॉस सेट करें: इंडिकेटर का इस्तेमाल करके स्टॉप लॉस को सेट करें.
- फायदे:
- इस्तेमाल में आसान: इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करना आसान है.
- क्लियर सिगनल: इंडिकेटर्स क्लियर ट्रेडिंग सिगनल देते हैं.
- बेहतर फैसला लेना: इंडिकेटर्स से ट्रेडर को बेहतर फैसला लेने में मदद मिलती है.
- आम गलतियाँ:
- इंडिकेटर्स का ज़्यादा इस्तेमाल करना: इंडिकेटर्स का ज़्यादा इस्तेमाल करना.
- प्राइस एक्शन को नज़रअंदाज़ करना: प्राइस एक्शन को नज़रअंदाज़ करना.
- इंडिकेटर्स को एडजस्ट नहीं करना: इंडिकेटर्स को एडजस्ट नहीं करना.
- टिप्स:
कई इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करें+ एक से ज़्यादा इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करें। 2. इंडिकेटर की सीमाओं को समझें। 3. अभ्यास: संकेतकों का उपयोग करने से पहले अभ्यास करें। 🚸 आप यहां ध्यान से पढ़ें मैं पूरा टेक्निकल इंडिकेटर के बारे में अलग अलग कर के लिखा हो आप को नीचे में फुल डिटेल्स में लिखा हो।👇
Stock Market Technical Candlestick Charts – Heartbeat of Technical Analysis.
- Candlestick वह Language है जिसमें मार्केट बात करता है। हर Candle बताती है ➡️ बायर्स strong थे या sellers ☑️ प्राइस कहा open हुआ और कहा close हुआ और Intraday fight किसने जीती।
- Popular Candlestick Patterns.
- ✔️ Bullish Engulfing – reversal signal
- ✔️ Hammer – bottom buying
- ✔️ Doji – indecision
- ✔️ Shooting Star – top reversal
- ✔️ Morning Star / Evening Star – strong trend reversal.
- इन पैटर्न पर वॉल्यूम की पुष्टि होना बेहद जरूरी है आपको ये Candlestick Patterns समझ मे आगया तो समझ लीजिए ट्रेडिंग सफर आसान होने लगेगा
Support & Resistance – Market’s Invisible Wall.
- Support:
- जहां कीमत गिरती है और रुक जाती है – खरीदार सक्रिय हो जाते हैं। उदाहरण: इस स्टॉक को ₹150 पर मजबूत समर्थन प्राप्त है।
- Resistance.
- जहां कीमत बार-बार रुकती है – विक्रेता सक्रिय हैं। उदाहरण: ₹200 का प्रतिरोध है, ब्रेक आउट पे बड़ा move आएगा।
- Breakout & Breakdown:
- Price resistance break = Breakout➡️ Price support broken = breakdown ब्रेकआउट वॉल्यूम के साथ हो → सबसे शक्तिशाली ब्रेकआउट & Breakdowns सही समय पर इन सब का trend पकड़ा जाए तो बहुत powerful होता है।
Stock Market Technical Analysis +Trend Analysis – Trend is Your Best Friend.
- बाज़ार का Trend समझना सबसे ज़रूरी है ये आपका important काम है बाजार का Trend समझना मिंस ट्रेडिंग सफर आसान करना।
- 1. Uptrend – Higher Highs & Higher Lows.
- गिरावट पर खरीदारी की सर्वोत्तम रणनीति।
- 2. Downtrend – Lower Highs & Lower Lows.
- सबसे अच्छी रैलियां बेचें.
- 3. Sideways trend
- केवल रेंज ट्रेडिंग का ही काम करती है।
- पप्रो टिप्स: Beginners हमेशा ट्रेंड के साथ ही ट्रेड करना चाहिए नकी, इसके विपरीत में।
Top Indicators for Technical Analysis.
- 1. Moving Averages (MA & EMA)
- रुझान दिखाने का सबसे आसान तरीका+50 EMA – शॉर्ट टर्म रुझान+200 EMA – Long -Term रुझान➡️कीमत 200 EMA से ऊपर है → तेजी और नीचे हो → मंदी।
- अब ध्यान से पढ़ें मूविंग एवरेज स्टॉक मार्केट का एक ऐसा इंडिकेटर है जो प्राइस की “नॉइज़” रेगुलर ट्रेंड डायरेक्शन दिखाता है। आसान शब्दों में, MA प्राइस को स्मूद करता है ताकि आपको साफ-साफ दिख सके कि मार्केट ऊपर जा रहा है, नीचे जा रहा है या साइडवेज चल रहा है।
- MA पिछले तय समय के प्राइस का एवरेज निकालता है—जैसे 20-day MA, 50-day MA या 200-day MA। जब प्राइस कॉन्सटेंट MA के ऊपर रहता है, तो यह बुलिश स्ट्रेंथ दिखाता है; वहीं प्राइस MA के नीचे रहे तो सेलर्स डोमिनेट करते हैं।
- दो प्रमुख प्रकार होते हैं:
- सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) – बराबर वेट वाला एवरेज।
- एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) – लेटेस्ट प्राइस को ज्यादा वेट देता है, इसलिए तेज मार्केट मूवमेंट्स को जल्दी पकड़ता है।
- 50-EMA शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स का पसंदीदा है क्योंकि यह छोटे ट्रेंड्स और पुलबैक्स को जल्दी डिटेक्ट करता है। वहीं 200-SMA लॉन्ग-टर्म ट्रेंड का किंग माना जाता है—प्राइस इसके ऊपर हो तो स्टॉक टोटल अपट्रेंड में माना जाता है।
- MA क्रॉसओवर भी पावरफुल सिग्नल होते हैं—जैसे गोल्डन क्रॉस (50 SMA क्रॉसिंग 200 SMA से ऊपर) एक बड़े बुलिश ट्रेंड का सिग्नल, और डेथ क्रॉस इसका उल्टा। मूविंग एवरेज का असली पावर तब आता है जब इसे प्राइस एक्शन और वॉल्यूम के साथ कंबाइन करके इस्तेमाल किया जाए।
- 2. RSI (Relative Strength Index)
- RSI स्टॉक मार्केट का एक मोमेंटम ऑसिलेटर है जो प्राइस की स्पीड और स्ट्रेंथ मापता है। आसान भाषा में: अगर आप मार्केट को एक रेस समझो, तो RSI बताता है कि रनर थक गया है या अभी भी तेज दौड़ रहा है।
- RSI कैसे काम करता है?
- RSI 0 से 100 के बीच ये काम करता है = इसका डिफ़ॉल्ट सेटिंग ट्रेडिंग view में रहता है: 14-पीरियड RSI + 70 से ऊपर = ओवरबॉट ज़ोन प्राइस बहुत तेज़ी से ऊपर भाग चुका है → पुलबैक या रिवर्सल आ सकता है एंड 30 से नीचे = ओवरसोल्ड ज़ोन + प्राइस बहुत गिर गया है → खरीदार वापस आ सकते हैं, बाउंस संभव है।
- RSI के पीछे Logic क्या है?
- RSI formula price के पिछले gains और losses को compare करता है. अगर पिछले कुछ दिनों में stock Constant positive candles बना रहा होता है → RSI ऊपर जाता है. अगर Constant selling होती रहे → RSI नीचे आता है.
- यानी आसान शब्दों में:
- RSI = Market की अंदरूनी energy हलचल को मापता है + RSI को सिर्फ़ ओवरबॉट/ओवरसोल्ड मत समझिए
- शुरुआती लोगों की सबसे बड़ी गलती:
- RSI 70 क्रॉस → सेल + RSI 30 क्रॉस → बाय = लेकिन प्रोफेशनल ट्रेडर्स ऐसा नहीं करते है।
- क्यों?
- क्योंकि ट्रेंडिंग स्टॉक्स कभी-कभी➡️RSI 70 से ऊपर हफ्तों तक रह सकता है (स्ट्रांग मोमेंटम में )✅और क्रैश वाले स्टॉक्स➡️ RSI 30 से नीचे लंबे समय तक रह सकते हैं। इसलिए RSI को अकेले इस्तेमाल न करें — इसे ट्रेंड के साथ दूसरा भी सपोर्टिंग इंडिकेटर भी लगाए।
- अपट्रेंड बनाम डाउनट्रेंड में RSI
- अपट्रेंड में RSI🟢RSI अक्सर 40–60 ज़ोन में सस्टेन करता है🟢पुलबैक आते ही RSI 40–45 के आस-पास हिट करता है → बेस्ट बाइंग ज़ोन 60 का ब्रेक = ट्रेंड मज़बूत👉 एक्सपर्ट टिप: RSI 40 = अपट्रेंड में डायनामिक होता है।
- RSI + EMA कॉम्बो (हाई एक्यूरेसी)
- RSI + 20 EMA का इस्तेमाल करें:
- प्राइस 20 EMA के ऊपर और RSI 50 से ऊपर → बाय सेटअप
- प्राइस 20 EMA के नीचे और RSI 50 से नीचे → सेल सेटअप
- 50 लाइन RSI का पावर लाइन है।+50 से ऊपर = बायर्स कंट्रोल+50 से नीचे = सेलर्स कंट्रोल
- RSI कहाँ Fail हो सकता है?
- कोई भी indicator perfect नहीं है RSI भी fail होता है = Sideways market में🟢High volatility stocks में🟢 कमजोर fundamental वाले stocks में🟢 Penny stocks में➡️इसलिए इसे support–resistance + volume के साथ इस्तेमाल करना ज़रूरी है।
- RSI के बेस्ट सेटिंग्स+डिफ़ॉल्ट: 14 पीरियड+एग्रेसिव ट्रेडर्स: 7 पीरियड➡️लॉन्ग-टर्म ट्रेडर्स: 21 पीरियड+शॉर्ट RSI = तेज़ सिग्नल👉लॉन्ग RSI = धीमे लेकिन सटीक सिग्नल।
निष्कर्ष – RSI सबसे स्मार्ट इंडिकेटर क्यों है?
- RSI सिर्फ़ एक ओवरबॉट/ओवरसोल्ड टूल नहीं है — ये मार्केट के मोमेंटम, साइकोलॉजी, ट्रेंड स्ट्रेंथ और रिवर्सल सबको बताता है। डाइवर्जेंस + ट्रेंडलाइन + RSI ज़ोन मिलाकर आप हाई-एक्यूरेसी ट्रेड ले सकते हैं।
- अगर आप RSI को डीप लेवल पर समझकर इस्तेमाल करते हो, तो आप मार्केट की “हिडन मूवमेंट” को डिटेक्ट कर सकते हो — और यही प्रोफेशनल ट्रेडर की असली पहचान है।
- MACD.
- Trend+मोमेंटम दोनों बताता है ➡️सिग्नल लाइन क्रॉसओवर =Entry Point
- Bollinger Bands.
- अस्थिर सुचना = बैंड टच → रिवर्सल संभावनाएँ+बैंड ब्रेकआउट → ट्रेंडिंग मूव।
- Volume.
- आप उसी पर सबसे ज्यादा भरोसा कर सकतेहैं➡️वॉल्यूम पुष्टि करता है कि चाल नकली है या असली।
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Chart Patterns – Signals of Big Moves.
- 1.Triangle Pattern.
- symmetrical ascending, descending. ब्रेकआउट के बाद तेज चाल।
- 2.Head & Shoulders.
- बिल्कुल सही ट्रेंड रिवर्सल पैटर्न।
- 3. Cup and Handle.
- Powerful bullish Continuation signal
- 4. Flag and Pole.
- मजबूत रैली → छोटी मजबूती → अगली बड़ी रैली।
- 5. Double Top / Double Bottom.
- बाज़ार मनोविज्ञान का दर्पण.
Price Action Strategies (Beginner Friendly)
- 1. Breakout Strategy.
- रेजिस्टेंस ब्रेक ☑️ High वॉल्यूम☑️ Retest कंफर्मेशन
- 2. Pullback Buying.
- अपट्रेंड में गिरावट, आने पर खरीदारी करना चाहिए। सुरक्षित व्यापार के लिए सर्वोत्तम प्रवेश ट्रेडिंग
- 3. Trundling Trading
- ट्रेंडलाइन रीटेस्ट = उच्च सटीकता वाला व्यापार।
- 4. Moving Average Crossover Strategy.
- 50 EMA ऊपर जाए 200 EMA से → गोल्डन क्रॉस सिंगनल खरीदें का है + 50 EMA 200 EMA से नीचे → डेथ क्रॉस सेल सिग्नल देता है इस पोजीशन पे सेल करना चाहिए।
How to Analyze Any Stock – Step by Step Guide.
- Step 1: Identify Trend.
- 200 EMS देखो – बुलिश या bearish .
- Step 2: Mark Support and Resistance.
- 3 महीने + 1 साल के चार्ट स्तर पर लेवल बनाओ।
- Step 3: Watch Candlestick Behavior
- किस जोन पर खरीदार सक्रिय हैं+विक्रेता अधिक कहाँ हैं।
- Step 4: Confirm Volume.
- वॉल्यूम प्रारंभ करना चाहिए ब्रेकआउट पर+वॉल्यूम कम हो तो ट्रेड से बचें।
- Step 5: Confirmation from Indicators.
- RSI + MACD + EMA सबसे भरोसेमंद कॉम्बो है।
Best timeframes for initial technical analysis.
- ट्रेडिंग शैली आदर्श समय सीमा☑️इंट्राडे 5 मिनट + 15 मिनट + 1 घंटा लगाना चाहिए☑️स्विंग ट्रेडिंग 1 घंटा + प्रतिदिन लगाना चाहिए☑️मल्टीपल साप्ताहिक + मासिक लगाना चाहिए।➡️ मल्टीपलसमय-सीमा विश्लेषण = उच्च एक्यूरेसी।
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Risk Management – The most important rule of trading.
- बाज़ार में दो चीज़ें ज़रूरी हैं+पूंजी बचाना + अनुशासन रखना ये बेहद जरूरी होता है।
- नियम:
- ✔️ स्टॉप-लॉस हमेशा लगाओ
- ✔️ एक व्यापार में पूंजी का केवल 1-2% जोखिम
- ✔️ ओवर-ट्रेडिंग करो से बचें
- ✔️ इमोशनल ट्रेडिंग से दूर रहो
- ✔️ स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करो
- लाभ व्यापार से नहीं, जोखिम को कंट्रोल करने से आता है।
Common Mistakes Beginners Make.
- ❌सिर्फ संकेतक पर विश्वास करना
- ❌ बिना स्टॉप-लॉस ट्रेड करना
- ❌ अति-विश्लेषण करना
- ❌खबर के पीछे भागना
- ❌ हर ब्रेकआउट को असली स्ट्रेचर समझना
- बाजार में धैर्य ही असली ताकत है और ये सब मिस्टेक से बचना आप की संपूर्ण ताकत है।
Best Tools for Technical Analysis.
- ट्रेडिंग view (दुनिया का सबसे लोकप्रिय)✅Chartink (स्क्रीनर्स के लिए)✅इन्वेस्टिंग.कॉम✅मनीकंट्रोल चार्ट
- Final Tips – Expert Level Improvement.
- ✔️ हर दिन कम से कम 10 चार्ट का विश्लेषण करें
- ✔️ बैकटेस्टिंग की आदत बनाएं
- ✔️ जर्नलिंग – प्रत्येक व्यापार को लिखें
- ✔️ केवल उच्च संभावना वाले ट्रेड ही लें
- ✔️ ट्रेंड को फॉलो करें
- तकनीकी विश्लेषण सीखना जीवन भर चलने वाला कौशल है। जितना अधिक आप सीखेंगे, बाजार उतना ही स्पष्ट हो जाएगा।
निष्कर्ष
टेक्निकल एनालिसिस बिगिनर्स को मार्केट का एक्स-रे विजन देता है। मूल्य कार्रवाई, संकेतक, कैंडलस्टिक्स और मनोविज्ञान मिलकर आपको सटीक प्रविष्टियां और सुरक्षित निकास देते हैं। बाज़ार में समापन के लिए बस तीन मिनट का समय चाहिए:
Knowledge + Practice + डिसिप्लिन। आप इन रणनीतियों का उपयोग करके आत्मविश्वास से ट्रेडिंग और निवेश दोनों कर सकते हैं।
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Risk Disclaimer.
स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड, क्रिप्टो, फॉरेक्स या किसी भी फाइनेंशियल मार्केट में निवेश स्वैप के साथ आता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी सिर्फ एजुकेशनल पर्पस के लिए है और इसे फाइनेंशियल एडवाइस, बाइंग रिकमेंडेशन या प्रॉफिट गारंटी के रूप में न समझें। मार्केट मूवमेंट अनप्रेडिक्टेबल होते हैं और किसी भी नुकसान के लिए वेबसाइट या ऑथर जिम्मेदार नहीं होंगे। इन्वेस्टमेंट के फैसले हमेशा अपनी रिसर्च, रिस्क कैपेसिटी और फाइनेंशियल एडवाइजर की गाइडेंस के अनुसार ही लें। हाई रिटर्न की कोशिश में हाई रिस्क भी शामिल होता है, इसलिए हर कदम समझदारी और जिम्मेदारी के साथ उठाएँ।





Thank u sir jii
Helpful ☺️
Nice 👍
Hello there! This is my first comment here so I just
wanted to give a quick shout out and tell you I truly enjoy
reading through your posts. Can you recommend any other blogs/websites/forums that cover the same topics?
Appreciate it!