मंडी हो या तेजी हर मार्केट में कमाई का मौका है Best Performing Multi Asset Funds: के बारे में जानिए बेस्ट मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स कौन से है ये किसके लिए बेस्ट है और निवेश से पहले कौन सा बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
शेयर बाजार की तेजी का फायदा भी और सोने (Gold) की सुरक्षा भी Best Performing Multi Asset Funds – आपकी पैसे को सिर्फ एक जगह फंसाने के बजाय Equity, Debt और Gold में स्मार्टली बांटते है। यानी मार्केट गिरे या संभले आपकी कमाई की रफ्तार थमेगी नही आइए जानते है बेस्ट मल्टी एसेट फंड्स की पूरी कुंडली और निवेश करने का गोल्डन रूल्स।
Best Performing Multi Asset Funds: क्या ये आपको पोर्टफोलियो का सबसे स्मार्ट निवेश बन सकता है?
अगर आप चाहते है कि आपका निवेश सिर्फ शेयर बाजार पर निर्भर न रहे बल्कि एक ही फंड में Equity, Debt और गोल्ड जैसा अलग अलग एसेट क्लास का फायदा मिले तो मल्टी एसेट फंड्स आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
इन फंड्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब किसी एक एसेट क्लास का प्रदर्शन कमजोर होता है तब दूसरा एसेट क्लास नुकसान को काफी हद तक संतुलित करने की कोशिश करते है। यह वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है।
इस लेख में हम Best Performing Multi asset Funds उनके फायदे और नुकसान निवेश रणनीति और सही फंड चुनने का सही तरीका विस्तार से समझेंगे।
Best Performing Multi Asset Funds क्या होता है?
Multi Asset Fund एक ऐसा म्युचुअल फंड होता है जो कम से कम तीन अलग अलग Asset Classes में निवेश करता है। इसमें मुख रूप से शामिल होता है।
पहला पॉइंट्स = Equity ( शेयर बाजार)
दूसरा पॉइंट्स = Debt (बॉन्ड)
तीसरा पॉइंट्स = Gold या अन्य Commodities.
चौथा पॉइंट्स = REITs/InvITs (कुछ फंडों में)
इस तरह निवेश का जोखिम केवल एक ही मार्केट पर नहीं रहता है सब पे लोड शेयर हो जाता है। ताकि कोई न कोई फंड्स से आप फायदे में रहते है। इस लिए आपके ऊपर जोखिम का लोड नहीं असर होता है।
Best Performing Multi Asset Funds (Indicative List)
नोट ➡️ नीचे दिए गए फंड्स का प्रदर्शन समय के साथ बदल सकता है निवेश से पहले नवीनतम NAV, पोर्टफोलियो और रिस्क Profile आवश्यक देखे।
| Multi Asset Fund | निवेश शैली | रिस्क लेवल | किसके लिए बेहतर |
| आईसीआईसीआई प्रोडेनटिअल मल्टी एसेट फंड | Equity+Debt+Gold | Moderate | Long Term Investors |
| SBI मल्टी एसेट एलोकेशन फंड | Diversified Allocation | Moderate | Beginners |
| निप्पोन इंडिया मल्टी एसेट फंड | Dynamic Allocation | Moderate to High | Wealth Creation |
| Kotak मल्टी एसेट Allocator फंड | Balanced Allocation | Moderate | SIP Investors |
| UTI मल्टी एसेट एलोकेशन फंड | Diversified Portfolio | Moderate | Long Term Goals |

Best Performing Multi Asset Funds कैसे कम करता है।
इन फंड्स में फंड मैनेजर बाजार की स्थिति के अनुसार Asset Allocation बदल सकते है।
उदाहरण के लिए।
- शेयर बाजार महंगा लगे तो Debt का हिस्सा बढ़ाया जा सकता है।
- Gold में तेजी दिखे तो Gold Allocation बढ़ सकती है।
- Market Correction के समय Equity Exposure बढ़ाया जा सकते है।
- इसी रणनीति को Dynamic Asset Allocation कहा जाता है।
Best Performing Multi Asset Funds में निवेश करने के फायदे।
1. बेहतर डाइवर्सिफिकेशन।
एक ही निवेश में कई एसेट क्लास का फायदा मिलता है।
2. जोखिम कम करने में मदद हो सकता है।
अगर Equity कमजोर प्रदर्शन करे तो Debt या Gold पोर्टफोलियो को संभाल सकते है।
3. Professional Fund Management.
Asset Allocation का पूरा निर्णय अनुभवी Fund manager लेते है।
4. Long Term Wealth Creation.
लंबी अवधि में संतुलित रिटर्न की संभावना रहती है।
5. Automatic Rebalancing.
निवेशक को अलग अलग एसेट खरीदने या बेचने की जरूरत नही पड़ती है।
Multi Asset Funds के नुकसान
Equity Funds उतना तेज Return हमेशा नही मिलता एक बात और है कि short टर्म निवेश के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि मार्केट शॉर्ट टर्म में संभालना होता है ये लॉन्ग टर्न बेस्ट होता है। अलग अलग fund की रणनीति अलग हो सकता है और मार्केट रिस्क पूरी तहत खत्म नहीं होता है।
किन लोगों के लिए सही है।
Multi Asset Funds उन निवेशकों के लिए अच्छा माने जाते है। = जो पहली बार Mutual Fund में निवेश कर रहे है जिन्हें Balanced पोर्टफोलियो चाहिए क्योंकि नए भी होते है उन्हें बैलेंस्ड भी चाहिए होता है।
जो 5 से 10 साल या उससे अधिक समय तक नीवेश करना चाहिए उनमें एक और बात है जो मार्केट वोलैटिलिटी से घबराते है। जो SIP के जरिए नियमित निवेश करना चाहते है उनके लिए यह इनवेस्टमेंट प्लान सही है।
Best performing multi asset Funds में निवेश कैसे करें।
आज के समय में Multi Asset Funds में निवेश करना पहले से कही अधिक आसान हो गया है।आप अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीका से निवेश कर सकते है।
- ऑनलाइन निवेश प्लेटफार्म ➡️ आप निम्नलिखित माध्यम से SIP या Lump Sum निवेश कर सकते है।
- AMC asset Management Company की अधिकारिक वेबसाइट सीधे फंड हाउस से निवेश आप कर सकते है।
- MF Central कई म्युचुअल फंड कंपनियों की सेवाओं के लिए इस प्लेटफार्म के माध्यम आसानी से कर सकते है।
- Groww
- Zerodha Coin
- ET money
- Paytm Money
- Angel One
- INDMoney
- Kuvera
इन प्लेटफार्म पर आप KYC पूरा करने के बाद कुछ ही मिनटों में शुरू कर सकते है KYC का मतलब क्या होता है अकाउंट बनाने के टाइम आप जिस ब्रोकर के साथ बना रहे है जो आप उनके साथ डाक्यूमेंट्स साझा किए है उस का रिव्यु करना by SEBI के माधयम से और सही होने के बाद वह एप्रूव्ड हो जाता है।

कितने पैसा से शुरू की जा सकती है?
- SIP कई फंडों में ₹100 या ₹500 प्रति माह से शुरूआत की जा सकते है।
- Lump Sum कई योजनाओं में ₹1000 या ₹5000 से Lump Sum निवेश का सुविधा उपलब्ध होती है।
ध्यान दें न्यूनतम निवेश राशि हर फंड और एमसी के अनुसार अलग अलग हो सकते है। निवेश से पहले सम्बन्धित योजना की शर्त आवश्यक देखे।
टैक्सेशन➡️ इन फंड्स पर टैक्स कैसे लगता है?
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स पर टैक्स इस बात से तय होता है कि फंड मैनेजर ने इक्विटी (शेयर बाजार) में कितना प्रतिशत पैसा लगाया है आपका एसेट कितना लगा है उसके हिसाब से Allocate होगा।
यदि फंड का इक्विटी एक्सपोजर 65% से ज्यादा है तो इस पर इक्विटी म्युचुअल फंड की तरह टैक्स लगेगा (1 साल से पहले रिडीम करने पर शॉर्ट टर्म और 1 साल बाद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा।
यदि इक्विटी एक्सपोजर 35% से 65% के बीच है तो इस पर नया टैक्स स्लैब लागू होता है। इसलिए निवेश करने से पहले फंड की वर्तमान एसेट होल्डिंग को जरूर चेक करे।
किसे निवेश करना चाहिए?
कम और मध्याम रिस्क लेने वाले जो लोग शुद्ध इक्विटी फंड्स का भरी रिस्क नहीं उठाना चाहते उनके लिए बैंक में FD करे और आप उससे ज्यादा रिटर्न की उम्मीद न रखे। आप को जो भी मिलेगा बैंक से तय शुदा एग्रीमेंट होगा वहीं मिलेगा।
पहली बार निवेश करने वाले जो निवेशक म्युचुअल फंड मार्केट में नए है और एक सुरक्षित और संतुलित शुरुआत करना करना चाहते है उनको अपना मजबुत दिल रखना है।
3 से 5 साल तक का नजरिया रखना है = अगर आप अपने पैसा को कम से कम 3 से 5 साल के लिए निवेश रख सकते है तो ये फंड्स आपको मंहगाई को मात देने वाला शानदार रिटर्न दे सकता है। इसमें सबसे बड़ा बात तो ये है आपके साथ जो भी होता है मतलब लॉन्ग टर्म में ही वेल्थ क्रिएश होता है।
SIP या Lump Sum – क्या बेहतर है?
- निवेश तरीका
- कब चुने
- SIP
नियमित निवेश और मार्केट वोलैटिलिटी कम करने के लिए देखा जाता है ।
Lump Sum
जब लंबी अवधि का निवेश हो या और पर्याप्त राशि उपलब्ध है।
निवेश से पहले किन बातो पर ध्यान है?
- फंड का लंबी अवधि का परफोर्मेंस को देखें।
- Expense Ratio की तुलना करे।
- Fund Manager का अनुभव देखे।
- Portfolio Allocation समझे।
- Risk level अपने Financial Goals के अनुसार चुने
- केवल पिछले रिटर्न देख कर निवेश न करे।
Expert Tips
- कम से कम 5 से 7 वर्ष का निवेश लक्ष्य रखे।
- SIP के माध्यम से नियमित निवेश करे।
- पोर्टफोलियो की साल में एक बार समीक्षा करे।
- Emergency Fund अलग रखे।
- केवल एक Fund के भरोसे पूरा निवेश न करें।

Best Performing Multi Asset Funds बनाम Hybrid Funds
| Adhar. | Multi Asset Fund | Hybrid Fund |
| एसेट classes | काम से काम 3 | सामान्यतः 2 |
| Gold एक्सपोज़र | अक्सर होता है | हर फंड में नहीं |
| डायवर्सिफिकेशन | अधिक | अपेक्षाकृत कम |
| रिस्क Balance | बेहतर | मधयम |
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Best Performing Multi Asset फंड्स FAQs
1. Multi Asset Funds क्या सुरक्षित होता है?
पुरी तरह सुरक्षित नही है लेकिन डाइवर्सिफिकेशन के कारण जोखिम कम हो जाता है।
2. क्या इनमें SIP कर सकते है?
हां लगभग सभी multi Asset Funds में SIP उपलब्ध होता है।
3. कितना समय। निवेश करना चाहिए?
कम से कम 5 साल और बेहतर परिणाम के लिए 7 से 10 साल का निवेश उपयुक्त माना जाता है।
4. क्या ये शुरुआती निवेशकों के लिए सही है?
हां क्योंकि एक ही फंड में कई एसेट क्लास का एक्सपोजर मिलता है
5. Kya Multi Asset Funds टैक्स के दायरे में आता है?
हां टैक्सेशन फंड की एसेट एलोकेशन और लागू करना या ना करना यह नियमों पर निर्भर करता है। निवेश से पहले नवीनतम टैक्स नियमों की जानकारी आवश्यक जरूरी होता है।
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निष्कर्ष।
यदि आप ऐसा निवेश चाहते है जिसमें Growth स्टेबिलिटी और डाइवर्सिफिकेशन तीनों का संतुलन हो तो Best Porforming Multi Asset Funds आपके पोर्टफोलियो कामहतपूर्ण हिस्सा बन सकते है। ये फंड इक्विटी बॉन्ड्स और गोल्ड जैसे अलग अलग एसेट क्लास में निवेश करके जोखिम को संतुलित करने का प्रयास करते है जैसे और लंबे अवधि में बेहतर निवेश दे सकते है।
हालांकि किसी भी फंड में निवेश करने से पहले Investment Objective, portfolio रिस्क level, Expense Ratio और अपने वित्तीय लक्ष्य का अच्छी तरह मूल्यांक करे याद रखें पिछला परफोर्मेंस भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता इसलिए सोच समझकर और लंबी अवधि की योजना के साथ निवेश करे।
डिस्क्लेमर फ्रैंडली।
Best Performing Multi Asset Funds: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और एजुकेशन उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है इसमें दी गई जानकारी निवेश के लिए सलाह नहीं देता म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिम के अधीन होता है किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसकी scheme Information Documents और अन्य अधिकारिक Documents ध्यान से पढ़ें तथा आवश्यकता पड़ने पर किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से एडवांस आवश्यक ले निवेश से होने वाले लाभ और नुकसान के बारे में अच्छा से समझे उसके बाद आप निवेश करे।

